ट्रैकटरों की बढती मांग , किसानों में खुशहाली के संकेत ।

देश में सामान्य मानसुन का पूर्वानुमान है, वही तालाबों में भी पिछले दस सालों की तुलना में अधिक पानी है । उर्वरक ओर फसल उत्पादन रिकार्ड उचाई पर है । इससे ट्रैकटरों के खरीद्दार भी बढ गए है।
ट्रैकटरों की मांग ज्यादा होने ओर उत्पादन कम होने से बाजार में अफरातफरी मची हुई है । Mahindra & Mahindra ने दावा किया है कि हमें जल्द ही खरीद के हिसाब से ट्रैकटरों का उत्पादन बढा देंगे। बाकी कंपनियों का भी यही संकेत दिये हैं कि जल्द ही बाजार सामान्य हो जाएगा ।


अंदरूनी सूत्रों को उम्मीद है कि  ऑटोमोटिव उद्योग में अच्छा प्रदर्शन जारी रहेगा
मांग सप्ताह से बेहतर हो रही है और यह आत्मविश्वास को ओर मजबुत कर  रहा है, हेमंत सिक्का, मुख्य कार्यकारी, कृषि उपकरण व्यवसाय, M&M। “पूछताछ का स्तर ऊपर जा रहा है, हमारे बाजारों के 65% खुलने के साथ, यह एक सप्ताह के भीतर 80% हो जाएगा। बहुत अच्छी फसल के कारण ग्रामीण क्षेत्र में नकदी प्रवाह मजबूत है। मंडी व्यवस्था को चालू करने में सरकार सक्रिय रही है। यदि संक्रमण घटता नहीं है, तो हम तीन महींने के भीतर सामान्य स्थिति में लौट सकते हैं, ”उन्होंने कहा।

मार्च के अंत में लाकडाउन शुरू होने के तुरंत बाद 40% बाजार खुला होने की तुलना में अब 80% से अधिक थोक कृषि बाजार पूरी तरह से कार्यात्मक हैं। लॉकडाउन के कारण डिमांड शॉक से रिकवरी, शहरी केंद्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ने की उम्मीद है, फसलों से बेहतर नकदी प्रवाह की संभावना के कारण।

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