Neither hindu Nor Muslim,only farmer is distress /ना हिंदु ना मुस्लमान खतरे में है बस किसान / Why farmers are becoming labour on their own land

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lets show you some example how farmer is in distress
1.

सोलापुर में एक किसान ने 1890 किलोग्राम प्याज 1681.50 रुपये में बेचा।
2229.70 रुपये के खर्च का भुगतान करने के बाद यानी हमाली के लिए 180 रुपये, वजन के लिए 55.70 रुपये, परिवहन के लिए 1994 रुपये, वह 548 रुपये के नुकसान के साथ समाप्त होता है।
अब, इस किसान को बताएं कि हम सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था हैं

2.

पिछले साल हरियाणा में पानी बचाने के लिए धान की सीधी बिजाई पर 5000 रुपए/एकड़ अनुदान था, आज तक ये पैसा नहीं मिला

जब इन किसान भाइयों के पैसे  नहीं आए, पिछले साल की धान छोड़ो मक्का लगाओ योजना के आज Rs 2000 तक नहीं आए, तो ये नई धान छोड़ो मक्का लगाओ योजना पर किसान कैसे विश्वास करे ?

3.

इस बार टिड्डी दलों का हमला ज्यादा भयंकर  हो सकता है

4.

Seems diluting the “land acquisition act” was not enough.
Now, industry can identify a cluster, where #farmers are distressed or are under debt. Move in, coax them to offer lands.

-Will there will be a minimum rate ?

-If the Govt is out, then why is the D.C still in this deal ?

Credits Ramandeep singh Mann

 
 
 
 


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