काले गेहु की खेती कर कमाएं लाखो

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काले गेहु की खेती
काले गेहु की खेती

कहां व किसने तैयार किया बीज

काला गेहूं पर रिसर्च नेशनल एग्री फूड बायोटेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट नाबी मोहाली पंजाब ने रिसर्च की है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. मोनिका गर्ग ने 2010 से रिसर्च की थी। इसके बाद काला गेहूं तैयार किया है। इसलिए इस गेहूं का नाम भी नाबी एमजी रखा है।

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इस गेहूं के अनोखे रंग के बारे में पूछने पर डॉ. गर्ग ने बताया कि फलों, सब्जियों और अनाजों के रंग उनमें मौजूद प्लांट पिगमेंट या रंजक कणों की मात्रा पर निर्भर होते हैं। काले गेहूं में एंथोसाएनिन नाम के पिगमेंट होते हैं। एंथोसाएनिन की अधिकता से फलों, सब्जियों, अनाजों का रंग नीला, बैंगनी या काला हो जाता है।

एंथोसाएनिन नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट भी है। इसी वजह से यह सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। आम गेहूं में एंथोसाएनिन महज 5पीपीएम होता है, लेकिन काले गेहूं में यह 100 से 200 पीपीएम के आसपास होता है। एंथोसाएनिन के अलावा काले गेहूं में जिंक और आयरन की मात्रा में भी अंतर होता है। काले गेहूं में आम गेहूं की तुलना में 60 फीसदी आयरन ज्यादा होता है। हालांकि, प्रोटीन, स्टार्च और दूसरे पोषक तत्व समान मात्रा में होते हैं।

कहां मिलेगा बीज ??

काले गेहु की खेती

काले गेहु की खेती का बीज अभी केवल पंजाब के नेशनल एग्री फूड बायोटेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (एनएबीआई) मोहाली में उपलब्द  हैं।

बीज की माञा व पैदावार

काले गेहु की खेती

गेहूं की बुवाई आठ से दस किलो प्रति बीघा होती है। गेहूं की पैदावार 15 से 20 क्विंटल प्रति हेक्टर है।


कहां बिकेगा काला गेहूं

काले गेहु की खेती अभी बाजार में नहीं बेचा जा रहा। एक किसान दूसरे किसान से जरूर ले सकता है या फिर रिसर्च सेंटर ही दे रहा है। रिसर्च सेंटर जल्द ही बाजार में कंपनियां उतारने जा रहा है। इसके बाद यह बाजार में बिकेगा और मिलेगा। इसलिए अभी काले गेहूं को रिसर्च सेंटर ही लेगा।

किसानों के लिए फायदेमंद काले गेहु की खेती -मिलते है ज्यादा दाम 

किसान अगर काला गेहूं करते हैं, तो दोनों ओर से लाभदायक है। किसान अगर खाने में इस्तेमाल करते हैं तो स्वस्थ्य रहेंगे और बेचते भी हैं, तो किसान को रेट ज्यादा मिलेगा। बाजार में सामान्य गेहूं 1800 से 1900 रुपये हैं।

काला गेहूं बीज में 70 से 170 रुपये किलो बिक रहा है। बाजार में सामान्य तौर पर बेंचेगे तो कम से कम 3500 रुपये प्रति क्विंटल मिल जाएंगे।
कुछ ई कॉमर्स वेबसाइट काले गेहूं का आटा बेच रही हैं। इसकी कीमत साइट पर 2 हजार रुपये प्रति किलो से 4 हजार रुपये प्रति किलो तक बताई गई है।

काले गेहु की खेती

क्या है काले गेहु के औषधीय गुण

काले रंग के अतिरिक्त यह गेहू अन्य रंगों जामुनी व नीले रंग में भी में भी उपलब्ध है, यहाँ बता दी की Antioxidant की अधिकता की वजह से यह गेहू साधारण गेहू के मुक़ाबले बहुत अधिक पौष्टिक है तथा गुणवक्ता के मामले में इसे Blueberries नामक फल के बराबर रखा गया है। आप आगे जानेगे की किस प्रकार काले गेहु की खेती विभिन्न बीमारियों की रोक थाम में सहायता कर सकती है:

तनाव 


(काले गेहूं एक तनाव Reducer के रूप में) (Black Wheat as a Stress Reducer)
आज के इस बनावटी आधुनिक ज़माने में हर अगला शख्स तनाव से पीड़ित है या इसका कही न कही सामना कर रहा है।

तनाव से बाहर आने के लिए वह रोजाना नई से नई दवाईयों के साथ प्रयोग करता है, जिसका परिणाम यह होता है कि कुछ समय के बाद जब इन  दवाइयों का असर समाप्त होने लगता है तो पीड़ित इन्सान अपना रुझान नई दवायों की तरफ़ कर देता है, मतलब स्थिति और भी ख़राब होती चली जाती है।

यहाँ काला गेहू तनाव जैसी इस भयानक बीमारी को समाप्त करने के लिए एक आशा की किरण लेकर आया है। शोध में पता चला है की तनाव से पीड़ित व्यक्ति पर इसके प्रयोग के बहुत ही सकारात्मक परिणाम पाये गये हैं।

मोटापा


वजन घटाने के लिए काले गेहु की खेती के फायदे (Black Wheat Benefits for Weight loss
आज के समय में जब बडे बडे़ देशों की बहुत बड़ी आबादी मोटापे जैसी बीमारी से जुंझ रही है उस समय में इस दावा ने शोध में मोटापे को कंट्रोल करने में बहुत ही अच्छे परिणाम दिए हैं।

कैंसर


कैंसर के मरीजों के लिए काले गेहु की खेती के फायदे (Black Wheat Benefits for Cancer Patients)


कैंसर एक ऐसा रोग है जिसका अभी तक कोई स्थाई ईलाज उपलब्ध नहीं हो पाया है, इस समय पर काला गेहू उन सभी लोगों के लिए खाद्य खुराक के रूप में बेहतर विकल्प बनके उभरा है।

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Integrated Farming

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काले गेहु की खेती

मधुमेह या डायबीटीज

डायबिटीज के मरीजों के लिए काले गेहूं के फायदे (Black Wheat Benefits for Diabetes Patients)
यह एक ऐसा अन्य रोग है जो दुनिया के सभी प्रगतिशील देशो के साथ भारत व अन्य देशों में अपने पांव पसार चुका है, और

विडंबना यह है कि बहुत सी महंगी दवायों के बावजुद अभी तक इसका स्थायी ईलाज उपलब्ध नहीं है, यहाँ भी रिसर्च में काले गेहूँ के प्रयोग से पीड़ित इन्सान पर सकारात्मक परिणाम सामने आयें हैं।

हृद्य रोग


दिल के लिए काले गेहूं के फायदे (Black Wheat Benefits for Heart)
हृदय संबधी अधिक मात्रा में बढ रहे रोग आज की हमारी जीवन शैली का ही परिणाम हैं, मॉडर्न जिन्दगी के नाम पर हम अपने स्वस्थ शरीर रूपी पूंजी को खोते जा रहे है।

इंसान महंगे ईलाज से अपने शरीर को स्वस्थ्य रखने का संघर्ष कर रहा है जो कि बहुत खर्च के बावजुद स्वस्थ जीवन की गारंटी नहीं देता। हृदय रोगियों पर किये शोध में काले गेहू के मामले में बहुत सार्थक परिणाम सामने आयें हैं।

काले गेहु के औषधीय गुण क्या है ?

वजन घटाने के लिए,हृदय रोगियों पर किये शोध में काले गेहू के मामले में बहुत सार्थक परिणाम सामने आयें हैं। मधुमेह या डायबीटीज भी रिसर्च में काले गेहूँ के प्रयोग से पीड़ित इन्सान पर सकारात्मक परिणाम सामने आयें हैं।

कहां व किसने तैयार किया काले गेहु का बीज ?

काला गेहूं पर रिसर्च नेशनल एग्री फूड बायोटेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट नाबी मोहाली पंजाब ने रिसर्च की है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. मोनिका गर्ग ने 2010 से रिसर्च की थी। इसके बाद काला गेहूं तैयार किया है। इसलिए इस गेहूं का नाम भी नाबी एमजी रखा है।

कहां मिलेगा काले गेहु का बीज ??

काले गेहु की खेती का बीज अभी केवल पंजाब के नेशनल एग्री फूड बायोटेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (एनएबीआई) मोहाली में उपलब्द  हैं।

कहां बिकेगा काला गेहूं ?

काले गेहु की खेती अभी बाजार में नहीं बेचा जा रहा।


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