मोरिंगा (सहजन ) की खेती – औषधीय गुणो के साथ आपको करेगी मालामाल

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मोरिंगा सहजन की खेती

मोरिंगा सहजन की खेती

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भारत ड्रमस्टिक (मोरिंगा) या सहजन का सबसे बड़ा उत्पादक है; मोरिंगा की खेती बहुत लाभदायक है। मोरिंगा भविष्य की फसल के रूप में सामने आ रहा है ,क्योकि गंभीर सूखे की स्थिति में भी इसपर ज्यादा प्रभाव नहीं पडता।

वर्तमान में भारत विश्वभर के 80% से अधिक मोरिंगा उत्पादों की मांग को पुरा करता है ।  वैश्विक मोरिंगा उत्पादों का बाजार 4.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है जोकि भारत पर अत्यधिक निर्भर है।

मोरिंगा खेती के एकीकरण के साथ, मोरिंगा प्रोसेसिंग, मोरिंगा मूल्य कंट्रोल और निर्यात आदि पर ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि मोरिंगा खेती आर्थिक रूप से व्यवहार्य है और यह निवेश की कम लागत के बाद भी कई गुना आय देती है। इसलिए, मोरिंगा कृषि सतत विकास को बढ़ावा देती है और भविष्य में नई हरित क्रांति के अवसर प्रदान कर सकती है।

मोरिंगा का परिचय

मोरिंगा सहजन की खेती

मोरिंगा में विटामिन ए, सी, ई के भरपुर मात्रा में होता है और कैल्शियम भी ज्यादा होता है, जो हड्डियों को स्वस्थ रखता है और हृदय रोग से बचाता है। मोरिंगा  पोटेशियम का भी एक बड़ा स्रोत है, जो चिंता और तनाव को कम करता है।

मोरिंगा दुनिया का दूसरा सबसे तेजी से बढ़ने वाला पौधा है, जो दिन में दो इंच तक बढ़ने में सक्षम है। अन्य सुपरफूड ग्रीन्स के विपरीत, मोरिंगा ट्री पहली फसल के बाद लंबे समय तक उत्पादन करता है, जिससे यह पोषण का एक लंबे समय तक चलने वाला स्रोत बन जाता है। मोरिंगा को अच्छी गुणवत्ता वाला भोजन माना जाता है।

भारत सहजन का प्रमुख उत्पादक है। राज्यों में, आंध्र प्रदेश , कर्नाटक और तमिलनाडु में इसका उत्पादन ज्यादा है।

प्रति 100 ग्राम मोरिंगा में है.

मोरिंगा सहजन की खेती

कैलोरी- 64
फैट- 1.4 ग्राम
सोडियम- 9 मिलीग्राम
पोटैशियम- 337 मिलीग्राम
कार्बोहाइड्रेट- 8.3 ग्राम
डायट्री फाइबर- 2 ग्राम
प्रोटीन- 9.4 ग्राम

मोरिंगा के फायदे

मोरिंगा सहजन की खेती

1-मोरिंगा यानि सहजन में पाए जाने वाले एंटी-ऑक्सिडेंट्स, दिल को स्वस्थ रखते हैं.

2-आयरन की कमी दूर करने के लिए मोरिंगा को आप डायट में शामिल कर सकते हैं. खासकर शाकाहारी डायट फॉलो करने वाले. ये खून को साफ करती है. ऑक्सिजन को मांसपेशियों, ऑर्गन और टिशू तक पहुंचाती है

3-मोरिंगा में फैट बहुत कम मात्रा में होता है. और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में ये कारगर है.

4-मोरिंगा में ‘नियाजिमिसिन’ नामक पदार्थ पाया जाता है जो कैंसर सेल को बनने से रोकता है.

5-मोरिंगा एक प्रकार से एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-बायोटिन एजेंट की तरह काम करती है जो पेट की समस्याओं और गैस्ट्रिक परेशानी से बचाती है. इसमें मौजूद विटामिन-बी पाचन क्रिया को बेहतर करने में मददगार होते हैं.

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6-मोरिंगा में कैल्शियम और फॉस्फोरस पाया जाता है जो हड्डियों को मजबूत करते हैं.

7-डिप्रेशन, घबराहट और थकावट को भी मोरिंगा दूर करता है.

8- मोरिंगा में फाइबर ज्यादा मात्रा में होती है. जो लंबे समय तक पेट भरा रखती है.

9-मोरिंगा का सेवन ब्लड में ग्लूकोज नियंत्रित करता है जिससे डायबिटीज़ के होने का खतरा दोगुना कम हो जाता है.

 

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