भारत में वनीला की खेती , 42 हजार प्रति किलो बिकेगी फसल

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जिस फसल की बात हम कर रहे हैं उसका नाम है वनीला की खेती ।जिसका उपयोग आइसक्रीम में फ्लेवर के रूप में किया जाता है ।वनीला की कीमत लगातार बढ़ रही है ब्रिटेन के मार्केट में इसकी कीमत $600 प्रति किलो है और भारतीय मुद्रा में 1 किलो वनीला खरीदने के लिए आपको ₹42000 खर्च करने होंगे।

ब्रिटेन में आइसक्रीम कंपनी हर हफ्ते 5 टन आइसक्रीम बनाती है उनके 40 फ्लेवर में एक तिहाई में किसी न किसी तरह से वनीला का इस्तेमाल किया जाता है । 10 साल पहले की बात करें तो कंपनी वनीला जिस कीमत पर खरीद रही थी आज 32 गुना से ज्यादा कीमत चुका रहे हैं ।अब आपको बताते हैं कि वनीला की खेती किस तरह की जाती है।

वनीला की खेती एक मुश्किल काम है। यही वजह है कि केसर के बाद यह दुनिया की दूसरी सबसे महंगी फसल है। मेडागास्कर के अलावा पपुआ न्यू गिनी ,भारत और युगांडा में इसकी खेती होती है।

वनीला की खेती कहां होती है ?

वनीला की खेती

वनीला की खेती एक मुश्किल काम है। यही वजह है कि केसर के बाद यह दुनिया की दूसरी सबसे महंगी फसल है। मेडागास्कर के अलावा पपुआ न्यू गिनी ,भारत और युगांडा में इसकी खेती होती है।

1990 के दशक से भारत में केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में वनीला की खेती हो रही है। वर्तमान में खेती का क्षेत्र लगभग 1000 हेक्टेयर है, जिसमें से लगभग 30% ने उपज देना शुरू कर दिया है। भारत में प्रसंस्कृत वेनिला का वर्तमान उत्पादन लगभग 6-8 टन सालाना है।

वनीला की खपत व मांग

अमेरिका अपनी बड़ी आइसक्रीम इंडस्ट्री की वजह से काफी वनीला खपत करता है न केवल आइसक्रीम बल्कि वनीला का इस्तेमाल मिठाइयों और शराब के से लेकर परफ्यूम तक में होता है अगर आप खेती में ज्यादा लाभ कमाना चाहते हैं तो वनीला आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प है अब वनीला की खेती करके मोटी कमाई कर सकते हैं।

भारतीय मसाला बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार पूरी दुनिया में जितनी भी आइसक्रीम बनती है उसमें से 40 परसेंट वनीला फ्लेवर ही होती है वनीला की मांग भारत की तुलना में विदेशों में ज्यादा है ऐसे में माल विदेश भेजने पर बड़ा मुनाफा होता है ।

दुनिया का 75% वनीला मेडागास्कर में ही पैदा होता है भारत में भी इसकी कीमतों में उछाल रहता है हालांकि मूल्य स्तर कितना भी हो वनीला उत्पादकों को कभी घाटे का मुंह नहीं देखना पड़ता । आज हम आपको वनीला की खेती कर ज्यादा कमाई के बारे में बता रहे हैं ।

भारत में 1 किलो वनीला खरीदने पर आपको ₹42000 तक देना पड़ सकता है ब्रिटेन के बाजारों में इसकी कीमत $600 प्रति किलो तक पहुंच गया है ।

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वनीला का विवरण

मसाला बोर्ड की माने तो वनीला आर्किड परिवार का एक सदस्य है। यह एक बेल पौधा है जोकि लंबा और बेलनाकार होता है। इसके फल सुगंधित और कैप्सूल के आकार के होते हैं। फूल सूख जाने पर खुशबूदार हो जाते हैं और एक फल के ढेरों बीज मिलते हैं ।

वनीला की फसल को छाया और मध्यम तापमान की जरूरत होती है। इसके लिए शेड हाउस बनाकर इसके अनुरूप वातावरण तैयार किया जा सकता है ।

वनीला की खेती के लिए जरूरी वातावरण

25 से 30 डिग्री सेंटीग्रेड तक का तापमान वनीला की पैदावार के लिए सबसे अच्छा माना जाता है हालांकि पेड़ों से छन कर आती रोशनी वनीला की फसल के लिए ज्यादा अच्छी मानी जाती है ।

अगर आप के खेत में बाग है तो आप इंटरकॉर्प की तरह इसकी खेती आसानी से कर सकते हैं क्योंकि यह पौधा है इस तरह का होता है कि इसको छाया ज्यादा पसंद है।


अगर किसी पौधे के नीचे इसकी खेती की जाती है तो ज्यादा लाभदायक रहती है। वनीला की फसल 3 वर्ष बाद ऊपर पैदावार देना शुरू कर देती है।

वनीला की खेती के लिए कैसी मिट्टी चाहिए?

वनीला की खेती के लिए मिट्टी भंवरी और जैविक पदार्थों से भरपूर होने चाहिए। मिट्टी का पीएच मान 6 से 7 तक होना चाहिए। हालांकि आप मिट्टी जांच के बाद वनिला लगाए तो ज्यादा बेहतर होगा ।सड़ी गली गोबर की खाद के साथ केचुए खाद डालकर मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को बढ़ाया जा सकता है ।

वनीला को कैसे लगाया जाता है?

बनिला की बेल लगाने के लिए कटिंग या फिर भी बीज दोनों का इस्तेमाल किया जा सकता है। बेल लगाने के लिए मजबूत और स्वस्थ कटिंग कर ले। जब वातावरण में नमी हो तब आप इसकी कटिंग को लगा सकते हैं।

वनीला लगाने से पहले गड्ढे बनाकर उसमें पूरी तरह से सड़ी गली खाद डाल दी जाती है ।कटिंग को मिट्टी में दवाएं ना बल्कि सतह के ऊपर बस थोड़ी सी खाद और पत्तों से ढक दें। बेल को फेलने के लिए तार बांधी जाती है।


अगर आप इसे खेत में लगा रहे हैं तो 1 एकड़ में 2400 से 2500 बेल होनी चाहिए ।फसल लगाने के बाद के गोबर से तैयार खाद या फिर केचुआ खाद डालते रहना चाहिए। इसमें समय समय पर जरूरत के हिसाब से पानी की व्यवस्था करनी चाहिए, यानी कि सिंचाई कर देनी चाहिए ।


बेल को तारों के ऊपर फैलाया जाता है जिसकी ऊंचाई 200 सेंटीमीटर से ज्यादा नहीं रखनी चाहिए । फुल से लेकर फलिया पकने तक का लगभग 9 से 10 माह का समय लग जाता है इस प्रकार आपका वनीला तैयार हो जाता है

वनीला का उपयोग

वेनिला का उपयोग मुख्य रूप से स्वाद बढ़ाने वाली सामग्री के रूप में किया जाता है; दवा उत्पादों के एक मेजबान में एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ और इत्र के सूक्ष्म घटक के रूप में। एक स्वादिष्ट बनाने का यंत्र के रूप में, इसका उपयोग आइसक्रीम, दूध, पेय पदार्थ, कैंडी, कन्फेक्शनरी और विभिन्न बेकरी आइटम बनाने में किया जाता है।

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