Lemongrass Farming लेमनग्रास की खेती – प्रति एकड कमाई 3 लाख रूपये

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लेमनग्रास यानि नींबु घास
बंजर भूमि हो या सिंचाई के साधनों की कमी । अच्छे लाभ के लिए करें नींबू घास की खेती।

लेमनग्रास Lemongrass Farming लेमनग्रास की खेती

लेमन ग्रास को नींबू घास मालाबार घास या कोचीन घास भी कहा जाता है । यह एक सुगंधित और औषधीय पौधा है । इसके इस्तेमाल से भोजन का स्वाद तो अच्छा होता ही है साथ ही साथ खुशबू भी बढ़ जाती है । इसकी चाय बनाकर पीना सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है । इससे परफ्यूम साबुन क्रीम तेल आदि बनाए जाते हैं । इसके अलावा इसका इस्तेमाल अनेक प्रकार की औषधियां बनाने में भी किया जाता है ।

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भारत में कहां होती है लेमनग्रास की खेती

असम ,बंगाल ,केरल ,कर्नाटक, तमिलनाडु ,मध्यप्रदेश ,उत्तर प्रदेश और राजस्थान में इसकी खेती आजकल की जा रही है। लेकिन एक बड़ी बात कि इस पर न तो बाढ़ का असर होता है और न ही सूखे का तो देश भर में इसकी खेती कहीं पर भी बड़ी आसानी से की जा सकती है । खासकर देश के जो सूखा प्रभावित क्षेत्र हैं जैसे विदर्भ मराठवाड़ा या फिर बुंदेलखंड ।

इसकी खेती करके यहां के किसान अच्छा खासा लाभ कमा सकते हैं । एक बार रोपाई करने के बाद 4 से 5 साल तक इसकी उपज ली जा सकती है । जहां एक तरफ लोग लेमनग्रास को घर के गमलों में लगाकर इसका लाभ उठा सकते हैं तो वहीं इसकी खेती करना किसानों के लिए काफी फायदे का सौदा साबित होगा ।

लेमनग्रास की खेती के लिए जरूरी जलवायु

इसकी खेती के लिए सबसे पहले बात करते हैं जलवायु की ।गर्म और आम जलवायु जहां सालाना वर्षा 200 से 250 सेंटीमीटर तक होती हो , लेमन ग्रास की खेती के लिए उपयुक्त रहती है ।

लेमनग्रास की खेती के लिए उप्युक्त मिट्टी / भूमि

बात करें इसके लिए भूमि की तो लेमन ग्रास की खेती का सबसे बड़ा फायदा तो यही है कि ये किसी भी प्रकार की भूमि में आसानी से की जा सकती है लेकिन फिर भी अच्छे निकासी वाली रेतीली दोमट मिट्टी इसके लिए सबसे ज्यादा उपयुक्त रहती है ।

लेमनग्रास Lemongrass Farming लेमनग्रास की खेती

लेमनग्रास की उन्नत किस्में

नीबू घास की उन्नत किस्में
प्रगति
प्रमाण
चिन्ह
हरित
कृष्णा और नीमा हैं ।

लेमनग्रास की पौध कैसे तैयार करते हैं ?

इसकी नर्सरी कैसे तैयार करनी है ये भी नोट कर लीजिए । लेमन ग्रास की पौध तैयार करने के लिए प्रति हेक्टेयर 10 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है।अप्रैल मई में इसके बीज की बुआई की जाती है । बाद में इसकी रोपाई की तो जुलाई अगस्त में नर्सरी से पौध निकालकर खेत में इसकी रोपाई करें ।

पौधे से पौधे की दुरी कितनी होनी चाहिए

लाइन से लाइन की दूरी 50 सेंटीमीटर और पौध से पौध की दूरी 40 सेंटीमीटर रखें ।

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लेमनग्रास की निराई गुडाई

जब बात आती है इसकी निराई गुड़ाई की तो साल में दो से तीन बार खेत की निराई गुड़ाई करें तो अच्छी उपज मिलेगी

लेमनग्रास की सिंचाई

जैसा कि आपको पता ही है कि लेमन ग्रास में ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती है लेकिन हर बार कटाई के बाद एक सिंचाई जरूर कर दें । इससे उत्पादन अच्छा मिलता है लेकिन हां अगर मौसम ज्यादा शुष्क हो तो 15 20 दिन पर भी सिंचाई कर देनी चाहिए ।

लेमनग्रास Lemongrass Farming लेमनग्रास की खेती

लेमनग्रास की पहली कटाई

अब बात करते हैं इसके कटाई की पहली कटाई जो है रोपाई के तीन महीने बाद की जाती है । इसके बाद हर दो ढाई महीने बाद इसकी कटाई करते रहे । बाकी भूमि अच्छी उपजाऊ है या फिर कम उपजाऊ है । इसके हिसाब से इसकी कटाई निर्धारित की जाती है ।

इसकी फसल पहाड़ी और भारी वर्षा वाले स्थानों में जल्दी बढ़ती है और अधिक बार काटी जाती है । एक बात का विशेष ध्यान रखें कि जब कटाई कर रहे होते हैं तो भूमि से 10 से 15 सेंटीमीटर ऊपर से कटाई करें ।

कटाई के बाद लेमनग्रास का क्या करें?


नींबू घास को काटकर खेत में छायादार स्थान पर छोटे छोटे टुकड़ों में काट कर थोड़ा सूखने के लिए छोड़ा जाता है । फिर घास को आसवन टैंक में डालकर आसवन विधि से तेल निकाला जाता है ।

कहां से खरीदे लेमनग्रास की पौध


नींबू घास की खेती के लिए किसान उद्यान विभाग से संपर्क करके इसकी पूरी जानकारी ले सकते हैं ।

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लेमनग्रास की फसल को कहां और कैसे बेचना है ?


इसके बारे में भी पूरी जानकारी आपको किसान उघान विभाग से मिल जाएगी ।

लेमनग्रास की पौधे से पौधे की दुरी कितनी होनी चाहिए

लाइन से लाइन की दूरी 50 सेंटीमीटर और पौध से पौध की दूरी 40 सेंटीमीटर रखें ।

Other Names Of lemongrass

लेमन ग्रास को नींबू घास मालाबार घास या कोचीन घास भी कहा जाता है

farming of lemongrass in india

असम ,बंगाल ,केरल ,कर्नाटक, तमिलनाडु ,मध्यप्रदेश ,उत्तर प्रदेश और राजस्थान में इसकी खेती आजकल की जा रही है

uses/benefits of lemongrass

इसकी चाय बनाकर पीना सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है । इससे परफ्यूम साबुन क्रीम तेल आदि बनाए जाते हैं । इसके अलावा इसका इस्तेमाल अनेक प्रकार की औषधियां बनाने में भी किया जाता है ।

Where to sell lemongrass

amazon.com , indiamart.com & in nearby market

Price of lemongrass

dependes what you are buying ,
dry lemongrass , oil oe any other product

लेमनग्रास ऑयल रेट

800-1200 INR per litre


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